जीवन के समग्र विकास में यज्ञ की भूमिकाः वैदिक वाड.मय के परिप्रेक्ष्य में
Download full-text PDF
View full-text HTML

Keywords

यज्ञ
वेद
समग्र विकास
Veda
Yagya
Holistic development

How to Cite

Trivedi, I., & Devi, S. (2019). जीवन के समग्र विकास में यज्ञ की भूमिकाः वैदिक वाड.मय के परिप्रेक्ष्य में. Interdisciplinary Journal of Yagya Research, 2(1), 33 - 38. https://doi.org/10.36018/ijyr.v2i1.16

Abstract

भारतीय संस्कृति एवं ज्ञान के मूल आधार यज्ञ व गायत्री हैं। वेद हमारे ज्ञान का स्रोत रहे हैं, वेद के विषय पर दृष्टिपात करें तो ज्ञात होगा कि वेद का मुख्य केन्द्रबिन्दु यज्ञ ही रहा है। प्राचीनकाल से ही यज्ञ की महिमा का गुणगान विभिन्न वैदिक वाड.मय ने किया है। वेदों के मंत्रों से यज्ञ के स्वरूप व महिमा गूंजित होती है। यज्ञ द्वारा अनेक लाभ प्राप्त किये जाते रहे हैं, भौतिक स्तर, आध्यात्मिक स्तर अथवा राष्ट्रीय स्तर की समस्याएँ हो, स्वास्थ्य संबंधी किसी भी रोग से ग्रसित हो, सभी में यज्ञ का प्रत्यक्ष लाभ हो सकता है। यज्ञ केवल कर्मकाण्ड तक ही नहीं अपितु जीवन दर्शन तक विस्तृत है, यज्ञ से हमें श्रेष्ठ कर्मो की प्रेरणा भी मिलती है। इन सभी तथ्यों का वर्णन वेदों में किया गया है किन्तु वर्तमान में हम इन वैदिक ज्ञान से पूर्णरूप से भिज्ञ नहीं है अतः आवश्यकता है कि हम वैदिक ज्ञान में निहित यज्ञ के स्वरूप से भलिभाँति परिचित हों। यह शोध पत्र इन्हें उद्देश्यों को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया।

https://doi.org/10.36018/ijyr.v2i1.16
Download full-text PDF
View full-text HTML

References

ब्रह्मवर्चस, संपादक. गायत्री-यज्ञः उपयोगिता और आवश्यकता, इन: यज्ञ का ज्ञान विज्ञान (पं. श्रीराम शर्मा आचार्य वांड.मय 25). द्वितीय संस्करण, अखण्ड ज्योति संस्थान मथुरा; 1998:1.1

शर्मा श्री, संपादक. यजुर्वेद संहिता, 3/63, पुनर्संस्करण, युग निर्माण योजना विस्तार, गायत्री तपोभूमि, मथुरा; 2014, पृ.3.10

शर्मा श्री, संपादक. यजुर्वेद संहिता, यजुर्वेद 8/1, पुनर्संस्करण, युग निर्माण योजना विस्तार, गायत्री तपोभूमि, मथुरा ,2014, पृ.7.11

शर्मा श्री, संपादक. यजुर्वेद संहिता, यजुर्वेद 18/14-15, पुनर्संस्करण, युग निर्माण योजना विस्तार, गायत्री तपोभूमि, मथुरा ,2014, पृ.18.3

शर्मा श्री, संपादक. 108 उपनिषद् (ज्ञानखंड), भूमिका, पुनर्संस्करण, युग निर्माण योजना विस्तार, गायत्री तपोभूमि, मथुरा; 2010

शर्मा श्री, संपादक. यजुर्वेद संहिता, भूमिका, पुनर्संस्करण, युग निर्माण योजना विस्तार, गायत्री तपोभूमि, मथुरा ,2014

शर्मा श्री, संपादक. ऋग्वेद संहिता (चतुर्थ भाग), पुरूषसूक्त 10/19, पुनर्संस्करण, युग निर्माण योजना विस्तार गायत्री तपोभूमि, मथुरा; 2013, पृ.164-165

शर्मा श्री, संपादक. कर्मकाण्ड भास्कर, ( प्रथम भाग ), पुनर्संस्करण, युग निर्माण योजना विस्तार गायत्री तपोभूमि, मथुरा, 2005 पृ.23

ब्रह्मवर्चस, संपादक. यज्ञाग्नि एक उच्चस्तरीय उर्जा, इनः यज्ञ का ज्ञान विज्ञान, द्वितीय संस्करण, (पं. श्रीराम शर्मा आचार्य वांड.मय 25). अखण्ड ज्योति संस्थान मथुरा; 1998:1.1

श्रीमद्भग्वद्गीता. 3/9, गीता प्रेस, गोरखपुर संवत, 2065

पालीवाल वी. डी. चारों वदों की प्रमुख सूक्तियाँ, महामाया पब्लिक़ेशन्स सदर बाजार जालन्धर केंट; 2009, पृ.23

शर्मा श्री, संपादक. 108 उपनिषद्, (ज्ञानखंड), छान्दोग्य उपनिषद् 5/24/5, पुनर्संस्करण, युग निर्माण योजना विस्तार, गायत्री तपोभूमि, मथुरा; 2010

गैरोला वाचस्पति. वैदिक साहित्य और संस्कृति, पुनर्संस्करण, चैखम्बा संस्कृत प्रतिष्ठान, दिल्ली; 2013 पृ.97-98

शास्त्री रमाशास्त्री. वैदिक वाडमय का इतिहास, द्वितीय संस्करण, चैखम्भा भवन, वााराणसी; 1998 4-5

जायसवाल अरूण कुमार. वैदिक संस्कृति के विविध आयाम, प्रथम संस्करण, इन्दिरा विकास कालौनी नयाबाजार,सहरसा, 2000, पृ.115

शर्मा श्री, संपादक. यजुर्वेद संहिता, 3/63, पुनर्संस्करण, युग निर्माण योजना विस्तार गायत्री तपोभूमि, मथुरा; 2014 पृ.3.10।

शर्मा श्री, संपादक. यजुर्वेद संहिता, 1/2/2, पुनर्संस्करण, युग निर्माण योजना विस्तार गायत्री तपोभूमि, मथुरा; 2014 पृ.3.10

शर्मा श्री, संपादक. यजुर्वेद संहिता, 12/44, पुनर्संस्करण, युग निर्माण योजना विस्तार गायत्री तपोभूमि, मथुरा; 2014 पृ.12.7

शर्मा श्री, संपादक. यजुर्वेद संहिता, यजुर्वेद 3/39, पुनर्संस्करण,युग निर्माण योजना विस्तार गायत्री तपोभूमि, मथुरा; 2014 पृ.3.6

शर्मा श्री ऋग्वेद संहिता (1-2 मंडल), 1/1/3, चतुर्थ संस्करण, युग निर्माण योजना विस्तार गायत्री तपोभूमि, मथुरा, 2000 पृ.1

शर्मा श्री, संपादक. यजुर्वेद संहिता, 3/7, पुनर्संस्करण, युग निर्माण योजना विस्तार गायत्री तपोभूमि, मथुरा; 2014 पृ.3.1

श्रीमद्भग्वद्गीता 3/11. गीता प्रेस, गोरखपुर संवत, 2065

शर्मा श्री, संपादक. यजुर्वेद संहिता, 3/40, पुनर्संस्करण, युग निर्माण योजना विस्तार गायत्री तपोभूमि, मथुरा; 2014 पृ.3.6

. शर्मा श्री, संपादक. यजुर्वेद संहिता, 1/14, पुनर्संस्करण, युग निर्माण योजना विस्तार गायत्री तपोभूमि, मथुरा; 2014 पृ.1.4

शर्मा श्री, संपादक. यजुर्वेद संहिता, 1/20, पुनर्संस्करण, युग निर्माण योजना विस्तार गायत्री तपोभूमि, मथुरा; 2014 पृ.1.5

शर्मा श्री, संपादक. यजुर्वेद संहिता, 12/82, पुनर्संस्करण, युग निर्माण योजना विस्तार गायत्री तपोभूमि, मथुरा; 2014 पृ.12.12

शर्मा श्री, संपादक. यजुर्वेद संहिता, 1/17, पुनर्संस्करण, युग निर्माण योजना विस्तार गायत्री तपोभूमि, मथुरा; 2014 पृ.3.3

द्विवेद कपिलदेव. वेदामृतम् भाग-3 (वैदिक मनोविज्ञान), तृृतीय संस्करण, विश्वभारती रिसर्च इन्स्टीटयूट्, ज्ञानपुर; 1998 पृ.44

शर्मा श्री, संपादक. अथर्ववेद संहिता 6/122/4, पंचम संस्करण, युग निर्माण योजना विस्तार गायत्री तपोभूमि, मथुरा 2000, पृ. 7

वेदालंकार रामनाथ. यजुर्वेद ज्योति, पुनर्संस्करण, श्री घूडमल प्रहलादकुमार आर्य धमार्थ न्यास ब्यानिया पाड़ा,हिण्डौन सिटी,राजस्थान; 2009, पृ.48-49

द्विवेदी कपिलदेव. वेदामृतम् आचार- शिक्षा, पुनर्संस्करण, विश्वभारती अनुसंधान परिषद; 1998, पृ.167